• एनएचडीसी निगम मुख्यालय का द्श्य

  • एनएचडीसी निगम मुख्यालय का पृश्य भाग का दृश्य

  • 1000 मेगावाट इंदिरासागर परियोजना – बांध डाउनस्ट्रीम

  • 1000 मेगावाट इंदिरासागर परियोजना – बांध अपस्ट्रीम

  • 520 मेगावाट ओंकारेश्वर परियोजना – बांध डाउनस्ट्रीम

  • 1000 मेगावाट इंदिरासागर परियोजना ट्रासफार्मर यार्ड

  • 520 मेगावाट ओंकारेश्वर परियोजना - विद्युत गृह & ट्रांसफार्मर यार्ड

  • 520 मेगावाट ओंकारेश्वर परियोजना विद्युत गृह का जनेरेटर फ्लोर

श्री बलराज जोशी


गर्वनमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, कराड, महाराष्ट्र से सिविल अभियांत्रिकी में डिग्री धारक हैं | वे जल विद्युत विकास और आयोजना में प्रतिष्ठित नार्वेयन टेक्निकल इंस्टीट्यूट, ट्रोण्डहाइम, नार्वे से नौराड छात्रवृत्ति के अंतर्गत स्नातकोत्तर अर्हता धारक हैं| श्री जोशी ने एनएचपीसी में अक्तूबर, 1982 में सलाल परियोजना (जम्मू एवं कश्मीर) में परिवीक्षार्थी कार्यपालक (अभियांत्रिकी ) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था |


34 वर्ष से अधिक के अपने प्रतिष्ठित करियर के दौरान श्री जोशी ने नई ऊंचाइयों को छुआ और कई परियोजनाओं नामत: सलाल, दुलहस्ती, कुरीचु परियोजना (भूटान), तीस्ता-v , तीस्ता लो डैम-III तथा IV, पार्बती-III, चूटक, चमेरा-III, पार्बती-II आदि में कार्य करते हुए एनएचपीसी के विकास में योगदान दिया और एनएचपीसी के कार्यपालक निदेशक (डिजाइन एवं अभियांत्रिकी) के पद तक पहुंचे | वह कई परियोजनाओं हेतु एनएचपीसी के परामर्शी कार्यों से भी जुड़े रहे हैं जैसे म्यांमार में 1200 मेगावाट तमांथी और 880 मेगावाट शेवेजे, भूटान में 720 मेगावाट मंगदेचू और मैसर्स पश्चिम बंगाल विकास निगम की बाकरेश्वर तापीय विद्युत परियोजना आदि | उन्होंने किशनगंगा परियोजना हेतु हेग में मध्यस्थम कार्यवाही की अंतर्राष्ट्रीय अदालत में एनएचपीसी का प्रतिनिधित्व भी किया | प्रतिबद्घता के एक असाधारण प्रदर्शन में श्री जोशी ने धौलीगंगा विद्युत स्टेशन के बाढ़ के पश्चात बंद हो जाने के बाद इसे पुन: चालू करने के अत्यधिक चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतपूर्वक पूरा किया |


श्री बलराज जोशी ने 01 अप्रैल, 2016 से एनएचपीसी लिमिटेड के निदेशक (तकनीकी) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है | श्री जोशी ने 22.09.2017 से कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक पद का प्रभार ग्रहण किया हैं।

श्री ए. के. मिश्रा, प्रबंध निदेशक


ने दिनांक 02.08.2019 को एन एच डी सी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक का कार्य भार ग्रहण किया|


श्री मिश्रा MANIT, भोपाल (विगत में MACT, भोपाल) से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं | उन्होंने एन एच पी सी वर्ष 1982 में ज्वाइन किया तथा उनके पास जल विद्युत् परियोजनाओं के इन्वेस्टीगेशन, प्लानिंग, निर्माण तथा कॉन्ट्रैक्ट प्रबंधन आदि क्षेत्रों का लगभग 37 वर्षों का बहुमूल्य एवं विविध अनुभव हैं | उन्होंने अपनी फील्ड पोस्टिंग के दौरान उरी परियोजना (जम्मू व कश्मीर), मिडिल सियांग एवं तवांग बेसिन परियोजनाएं (अरुणाचल प्रदेश), टनकपुर तथा धौलीगंगा परियोजनाएं (उत्तराखंड) में विभिन्न पदों पर कार्य किया तथा जलविद्युत परियोजनायों के कंसेप्ट से कमीशनिंग का वृहद् अनुभव प्राप्त किया | एन एच पी सी निगम मुख्यालय में अपनी तैनाती के दौरान वे कॉर्पोरेट प्लानिंग, सिविल कॉन्ट्रैक्ट्स, पर्यावरण तथा सी. एस. आर. विभागों के प्रमुख रहे |


ट्रान्सफर ऑफ़ टेक्नोलॉजी कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 1994 में उन्होंने स्वीडन, नॉर्वे तथा फ़िनलैंड आदि देशों में अत्याधुनिक निर्माण तकनीक सीखी तथा उन्होंने उरी परियोजना (480 MW) के लिए सात विभिन्न एजेंसियों के साथ हुए अंतर्राष्ट्रीय कॉन्ट्रैक्ट का सफलतापूर्वक संचालन किया |


सिओम परियोजना (1000 MW) तथा तवांग बेसिन की दो परियोजनाओं (1400 MW) में परियोजना प्रमुख के रूप में उनके छः वर्षों के कार्यकाल के दौरान विस्तृत सर्वेक्षण तथा इन्वेस्टीगेशन कार्य पूरे हुए, डी.पी.आर. बनाये गए तथा वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त हुईं |


वर्तमान में वे चिनाब वैली पॉवर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के बोर्ड सदस्यों में एन एच पी सी लिमिटेड द्वारा नामित निदेशक भी हैं |

निविदा और बोलियां

 

NIT 911 Providing Manpower services such as Sr Work Assistant cum Computer Operator Stenographer Computer operator Secretarial Assistant Technical Assistant Electrician Cook Helper for Electrician Carpenter Attendant Helper Gardener and Sweeper etc for NHDC R and R Office Khandwa M P

Renovation of 05 nos. Seismic observatory buildings and 01 nos. sensor pit at Pandhana observatory situated on periphery of ISP reservoir (Narmada Nagar, Khandwa, Channera, Hirapur, Kannod and Pandhana)

Electrical Maintenance of Residential and Non Residential premises of colony, DG sets and illumination of Power House, Switchyard and Dam area at Indira Sagar Power Station, Narmada Nagar, Distt. Khandwa (M.P).

Insurance coverage of assets of NHDC Power Stations (ISPS & OSPS) through Mega Risk Policy

Running and Maintenance of Seismic Observatories for two years at Indira Sagar Power Station, Narmada Nagar, Distt. Khandwa (M.P).

NIT 910 Installation Operation and Maintenance of photocopy machine at R and R office on unit job rate basis for carrying out the photocopy work of various divisions of NHDC R and R Office Khandwa MP

NIT 909 Upgradation of Network equipments and accessories and establishing a complete LAN infrastructure including supply installation configuration and operationalization at R and R Office NHDC Ltd Khandwa MP

Procurement of Non- Printing Stationery Items for Omkareshwar Power Station.

Upgradation of existing distance protection and bus-bar high impedance relay of ABB make with latest version of numerical distance and bus bar low impedance relay at Switchyard for Omkareshwar Power Station

Civil work for installation of lift to approach various floor levels at NHDC Office complex,Shyamla Hills, Bhopal

 

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chairman

  श्री बलराज जोशी ने अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक,एनएचपीसी का प्रभार ग्रहण किया।

श्री बलराज जोशी
अध्यक्ष,एनएचडीसी एवं अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक,एनएचपीसी अधिक पढ़ें >>

chief-executive-director

  श्री अरुण कुमार मिश्रा, वर्तमान में प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत है

श्री अरुण कुमार मिश्रा
प्रबंध निदेशक अधिक पढ़ें >>

 समाचार और घोषणाएं

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पावर स्टेशन

इंदिरा सागर पावर स्टेशन

इंदिरा सागर परियोजना मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में पुनासा गांव से 10 किलो मीटर दूर नर्मदा नदी पर एक बहुउद्देशीय परियोजना है,। इस परियोजना की आधारशिला भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गाीय श्रीमति इंदिरा गांधी दृारा दिनांक 23.10.1984 को रखी गई । जिसकी सस्ंथापित विद्युत क्षमता 1000 मेगावाट है तथा इससे 2698.00 मिलियन यूनिट विद्युत का वार्षिक उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

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पावर स्टेशन

ओंकारेश्वर पावर स्टेशन

ओंकारेश्वर पावर स्टेशन एक बहुउद्देशीय परियोजना है, जो विद्युत उत्पादन के साथ मध्यप्रदेश के खंडवा, खरगोन और धार जिलों में नर्मदा नदी के दोनों तटों पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध करेगी। यह इंदौर से 80 किलो मीटर की दूरी पर है और इंदिरा सागर परियोजना से 40 किलो मीटर डाउन स्ट्रीम (निम्न जल प्रवाह) में स्थित है।

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